मुझ पर इल्जाम है यह कि चोर को क्यों चोर कहा, लेकिन क्या करुं, कड़वा सच लिखना मेरी फितरत है और इसी बात को समक्ष रखकर स्वंय की न्यूज वेबसाइट प्रारम्भ करना मेरी मजबूरी रही। अब कम से कम मन की बात संसार के समक्ष तो रख सकूंगा। विगत 32 सालों से लेखन, साहित्य , विज्ञापन, ज्योतिष , सुगम गायन व पठन-पाठन से जुड़ा हुआ हूँ। आने वाली व बची हुई शेष जिंदगी मात्र मन की बात लिखकर के व्यतीत करना चाहता हूँ इसीलिये मुझे आप सब तक अपने मन की बात पहुँचाने के लिये वेबसाइट का निर्माण करना उचित समझा। सदैव आपसे सम्पर्क में रहूँगा, साथ ही साथ आपका सहयोग भी मुझे मार्गदर्शन देने में अहम भूमिका अदा करेगा।

आपका अपना

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ललित भारद्वाज

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