मां भगवती की साधना का पर्व नवरात्र समापन की ओर पहुंच गया है। अष्टमी पर श्रद्धालुओं ने मां के आठवें स्वरूप महागौरी की पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की। साथ ही घर-घर कन्याओं का पूजन कर उपहार व दक्षिणा भेंट की गई।

नवरात्र का आठवां दिन होने के चलते हरिद्वार में माया देवी मंदिर, चंडी देवी मंदिर, दक्षिण काली मंदिर, प्राचीन काली मंदिर, सुरेश्वरी देवी मंदिर, मनसा देवी मंदिर, मां बगला मुखी मंदिर आदि सिद्धपीठों और मंदिरों में श्रद्धालुओं की खासी भीड़ रही।
बह से ही मां के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। अष्टमी के चलते घर-घर कन्या भी पूजी गई। घर में कन्याओं का अभिनंदन कर पूजा-अर्चना की गई। कन्याओं का तिलक कर भोजन ग्रहण करवाने के बाद चुनरी व वस्त्र भेंट किए गए। श्रद्धालुओं ने अपनी-अपनी सामर्थ्य के अनुसार कन्याओं को दक्षिणा दी।

कन्या जिमाई के बाद घट विसर्जन हुआ। कुछ लोग नवमी के दिन यह काम करते हैं। पर, अधिकांश इसे अष्टमी को ही करते हैं | नवरात्र में कलश में रखे गए जल से घर के चारों ओर छिड़काव किया गया और मां भगवती से घर-परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की गई।

कई मंदिरों और आश्रमों में भी चल रहे अनुष्ठानों की पूर्णाहुति हुई। शुक्रवार को नवमी के साथ ही शारदीय नवरात्रों का विधिवत समापन होगा। दशमी यानि 30 सितंबर के दिन दशहरा है। इस बुराई के प्रतीक रावण का दहन होगा।

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