नई दिल्ली: चीफ जस्टिस के मास्टर ऑफ रोस्टर के खिलाफ शांति भूषण की याचिका पर जस्टिस चेलामेश्वर ने मामले की सुनवाई से इंकार कर दिया है. उन्‍होंने कहा कि वो नहीं चाहते कि 24 घंटे के भीतर पहले की तरह उनका आदेश उल्टा हो जाए. मैं दो महीने बाद में रिटायर हो रहा हूं.

जस्टिस चेलामेश्वर ने प्रशांत भूषण से कहा कि अगर देश खुद ही फैसला करेगा. मेरे लिए कहा जा रहा है कि मैं किसी ऑफिस को हथियाने के लिए ये कर रहा हूं. अगर किसी को चिंता नहीं है तो मैं भी ज्यादा चिंता नहीं करूंगा. देश के इतिहास को देखते हुए मैं जाहिर तौर पर इस मामले को नहीं सुनूंगा.

दरअसल प्रशांत भूषण ने जस्टिस चेलामेश्वर के सामने शांति भूषण की याचिका को मेंशन करते हुए कहा कि उन्होंने चीफ जस्टिस के मास्टर ऑफ रोस्टर को चुनौती दी है और कहा है कि केसों के आवंटन का काम कॉलेजियम के जजों को करना चाहिए. लेकिन सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री इसका डायरी नंबर नहीं दे रही है. चूंकि हमने मांग की है कि मामला चीफ जस्टिस से जुड़ा है इसलिए वो ना सुनें. मामले की सुनवाई वरिष्ठ जजों को करनी चाहिए.

जस्टिस चेलामेश्वर ने कहा कि ये देश की दिक्कत है, देश ही इसका हल निकालेगा. जस्टिस चेलामेश्वर ने प्रशांत भूषण से कहा आपको मेरी दिक्कत पता है. आप ये समझते हैं. प्रशांत भूषण ने मामले को चीफ जस्टिस के सामने मेंशन किया है और कहा कि रजिस्ट्री देरी कर रही है. चीफ जस्टिस ने कहा कि वो मामले को देखेंगे.

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