जोधपुर। नाबालिग से रेप के मामले में आसाराम को दोषी ठहराया गया है और उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। एक तरह से आसाराम की बाकी जिंदगी सलाखों के पीछे बीतेगी।

अगस्त 2013 के इस मामले में बुधवार को जोधपुर सेंट्रल जेल में अदालत लगी और सजा सुनाई गई। आसाराम बीती रात से असहज था। उसने रात में खाना नहीं खाया और ठीक से सो भी न सका। सुबह चार बजे उठ गया और पूजा की।

सुनवाई के दौरान भी आसाराम के अलग-अलग रूप नजर आए। सजा सुनाए जाने से पहले एक बार वह जोर से ठहाका लगाकर हंसा। शायद उसे उम्मीद थी कि कोर्ट से राहत मिलेगी। इस दौरान वह बीच-बीच में ‘हरी ओम – हरी ओम’ का जाप करता रहा।

हालांकि जब जज साहब ने दोषी ठहराया तो उसकी बेचैनी बढ़ गई। पूरी सुनवाई के दौरान वह खड़ा रहा। लंच ब्रेक के दौरान पानी पीया और कुछ देर अपने सहयोगी शिवा के कंधे पर हाथ रखकर खड़ा रहा।

लंच के बाद सजा सुनाने की प्रक्रिया शुरू हुई। जैसे ही जज साहब ने ताउम्र कैद की सजा सुनाई, आसाराम टूट गया। उनसे अपने सिर पर बंधी पगड़ी उतारी और बालों को नोंचते हुए रोने लगा। हालांकि कुछ मिनट बाद सामान्य हुआ और सुरक्षा में मौजूद एक पुलिसकर्मी से कहा कि हम तो यहीं रहेंगे। खाएंंगे पिएंगे और मौज करेंगे।

अब पहनने होंगे कैदियों वाले कपड़े

आसाराम अब तक अंडर ट्रायल था यानी विचाराधीन कैदी होने के कारण उस पर जेल के सभी नियम लागू नहीं हो रहे थे। अब बाबाओं वाले अपने सामान्य कपड़े पहनता था और उसके लिए आश्रम से खाना आता है।

अब उसे यह छूट नहीं मिलेगी। कैदियों वाले कपड़ने पहनने होंगे और जेल में बनने वाला खाना ही खाना होगा।

loading...