नई दिल्ली.विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को पाकिस्तान, डोकलाम, भारत-चीन संबंध, रोहिंग्या और विजय माल्या के प्रत्यर्पण जैसे मसलों पर मीडिया के सवालों के जवाब दिए। विदेश मंत्री ने पाकिस्तान से विस्तृत बातचीत पर कहा कि जब सरहद पर जनाजे उठ रहे हों तो बातचीत की आवाज अच्छी नहीं लगती। उन्होंने डोकलाम पर यथास्थिति बरकरार होने की बात कही, तो शी जिनपिंग और मोदी की अनौपचारिक मुलाकात बातचीत का नया मैकेनिज्म है, जो अपने मकसद में कामयाब हुआ। विजय माल्या पर उन्होंने कहा कि प्रत्यर्पण की रिक्वेस्ट ब्रिटेन को भेजी गई है और इस मसले पर मोदी ने ब्रिटिश पीएम थेरेसा मे से भी बातचीत की थी।

सुषमा स्वराज ने कहा, “आप हमारी नीति पर सवाल उठाते हैं। चुनाव से पहले बातचीत की बात कहते हैं। चुनाव से इसका कोई लेना-देना नहीं है। पाकिस्तान के साथ बातचीत को लेकर नवाज शरीफ जी ने पहले भी 4 फॉर्मूला सुझाए थे, तब भी हमने कहा था कि फॉर्मूला केवल एक है। पाकिस्तान आतंकवाद को छोड़ दे। जब सीमा पर जनाजे उठ रहे हों, तो बातचीत की आवाज अच्छी नहीं लगती।

इसके इतर व्यवस्थाएं हैं, जिनके जरिए उनसे बातचीत होती है। हम ये कहते हैं कि आतंकवाद पर बातचीत जारी रहनी चाहिए। औपचारिक बातचीत रुकने पर दूसरे मैकेनिज्म से बातचीत जारी रहती है। आप खुद ही कहते हैं कि पाकिस्तान बातचीत करना चाहता है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि वो दुनिया में अलग-थलग पड़ गया है। ये भारत की कामयाबी है।”

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