अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने के साथ ही रुपया भी लगातार कमजोर होता जा रहा है. इस कारोबारी हफ्ते के तीसरे दिन डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ है. बुधवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 16 महीने के निचले स्तर पर खुला है.

बुधवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 7 पैसे गिरा और इस गिरावट के साथ यह 68.14 रुपये के स्तर पर खुला. इससे पहले मंगलवार को रुपये ने 68 का आंकड़ा पार किया था. मंगलवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 56 पैसे टूटा था. इस गिरावट के साथ यह 68.07 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था.

रुपये में लगातार जारी गिरावट का असर देश में कई वस्तुओं के दाम बढ़ने के तौर पर सामने आ सकता है. रुपये में यूं ही गिरावट जारी रही, तो देश में आयात किए जाने वाले सामान की कीमतें बढ़ सकती हैं. इसका असर इलेक्ट्रोनिक्स सामान की कीमतों में बढ़ोतरी के तौर पर सामने आ सकता है. इसके अलावा विदेश घूमना भी महंगा साबित हो सकता है.

कंज्यूमर ड्यूरेबल फर्म व्हर्लपूल इंडिया और गोदरेज एप्लाइंसेज पहले ही कह चुकी हैं कि इसकी वजह से टीवी, फ्रिज और एसी जैसे कंज्यूमर ड्यूरेबल की कीमतें बढ़ सकती हैं.

उन्होंने इसके लिए रुपये में बढ़ती गिरावट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को जिम्मेदार बताया है. इन कंपनियों ने आशंका जताई है कि जून महीने से वे अपने सामान की कीमतों में इजाफा कर सकती हैं.

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