>

Archives for साहित्य

साहित्य

बारिश तब होनी चाहिए जब…

बारिश करवाने के लिए इंसान ने कितने जतन किए, देवताओं को पटाने के लिए हवन यज्ञ किए मगर जब बारिश आ गई तो मानो आफत का मौसम आ गया। एक…
Continue Reading
this is a new ad place
साहित्य

सपनों की दुनिया देखना चाहते हैं तो चले आएं केरल के पोनमुडी हिल स्टेशन

ये सब मानो सपनों की दुनिया का जैसा... केरल के पोनमुडी का नजारा ऐसा ही खूबसूरत है वहां जाने का अनुभव आपको प्रकृति के करीब लाएगा... पोनमुडी तिरुवनंतपुरम से 56…
Continue Reading
this is a new ad place
साहित्य

खुश गम

तेरे सामने संसार की प्रत्येक खुशी प्रत्येक सुख मुझे महसूस होता है बिल्कुल गौण सा क्योंकि तू मेरे साथ है तू मेरे पास है लेकिन क्या तू इस बात को…
Continue Reading
this is a new ad place
साहित्य

सुखद भ्रम

चाहत मनुष्य की वह भूल है जिसमें मनुष्य उम्र भर तक आसानी से “सुखद भ्रम” में जी सकता है और भ्रम ही चाहत को सदैव जीवित बनाए रखने में अपनी…
Continue Reading
this is a new ad place
साहित्य

सूना है तुम्हारा घर तुम्हारे बिन

मैंने बनाया है तुम्हारे लिए तुम्हारे मन की सुकोमल सी भावनाओं के अनुरूप एक सुंदर सा छोटा घर। मैंने इस घर को बनाने में सीमेंट, मिट्टी, ईट व सरियों की…
Continue Reading
this is a new ad place
साहित्य

बुआ

बच्चों ने बस बुआ कहा था, बेसन चक्की याद आ गई। कढ़ी पकोड़े याद आ गए गुजरी गलियां याद आ गई बच्चों ने बस बुआ कहा था.......... दो चोटी में…
Continue Reading
this is a new ad place
साहित्य

सब उसके थे

सबके मन में उसका मन, मां में कितना अपनापन था।   घर की डोर थी मां के हाथों, गांठ लगाना औछापन था।   आग का दरिया तैर के निकली, किस…
Continue Reading
this is a new ad place
साहित्य

जिंदगी की तन्हाई

मैंने तो बिता दी अपनी अब तक की जिंदगी तन्हाई में केवल यही सोचकर कि कभी तो वह उतरेगी इस अनथक गहरे समुद्र की गहराई में लेकिन अफसोस ?
Continue Reading
this is a new ad place
साहित्य

हमारा घर

(एक 11 वर्षीय बच्ची “संस्कृति” के अबोध भावों की कल्पना का संसार) मैंने बनाया एक छोटा सा घर सुरभि ने बनाई घर के खुले आंगन में छोटी सी बगिया भारती…
Continue Reading
this is a new ad place
Translate »